चैत्र नवरात्रि उत्सव
लेखक स्वामी हरि ॐ पुरी
अंतिम अपडेट: 30 मार्च 2025 • 1 मिनट पढ़ें
हमारेप्रियगुरुदेव, विश्वगुरुजीकीउपस्थितिमें, हमनेचैत्रनवरात्रिपर्वकेशुभारंभकाउत्सवमनाया।नवरात्रि, जिसकाअर्थहै "नौरातें," औरचैत्र, जोमार्च-अप्रैलकेचंद्रमहीनोंकोदर्शाताहै, इसशुभसमयकाप्रतीकहैं।

माताजीकीसमाधिपरआयोजितयहकार्यक्रमदिव्यप्रकाशसेजगमगाउठा, जिसनेहमारेप्रियगुरुदेवकेदर्शनपाकरभक्तोंकेहृदयोंकोआनंदसेभरदिया।इसअवसरपरएकपंडितनेमाँदुर्गाकीपवित्रपूजाऔरहार्दिकप्रार्थनाकी, तथाउनसेहिंदूचंद्रनववर्षकेआनंदपूर्णऔरमंगलमयशुभारंभकाआशीर्वादमाँगा।


स्वामीअवतारपुरीजीनेप्रेम, सम्मानऔरभक्तिकेप्रतीककेरूपमेंहमारेगुरुदेवकोएकपुष्पमालाअर्पितकी।

एकसुंदरढंगसेसजाईगईवेदीभेंट (याप्रसाद) सेसुशोभितथी।


हमारेगुरुदेवनेप्रेमपूर्वकअपनीप्रियमाताकोएकपवित्रपूजाऔरहार्दिकप्रार्थनाएँसमर्पितकीं।


भक्तोंकाप्रेमसदैवप्रियगुरुदेवकेचरणोंमेंरहताहै।

नौदिनोंकेउत्सवकेपश्चात, यहत्योहाररामनवमीकेसाथसंपन्नहोताहै, जोभगवानरामकेजन्मकाप्रतीकहै।

भगवानरामसदैवआपकीऔरआपकेपरिवारकीरक्षाकरेंऔरआपकोसुख-समृद्धिकाआशीर्वादप्रदानकरें।हरिॐ

ओम आश्रम जाडन में आपका हार्दिक स्वागत है।
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