पवित्र बंधन: ॐ आश्रम में एक वैदिक विवाह
लेखक स्वामी हरि ॐ पुरी
अंतिम अपडेट: 14 मई 2025 • 1 मिनट पढ़ें
हाल ही में ॐ आश्रम एक वैदिक विवाह के पवित्र अनुष्ठान से सम्मानित हुआ।

वैदिक विवाह मात्र एक समारोह से कहीं बढ़कर है—यह आत्माओं का एक पवित्र मिलन है, जो प्राचीन परम्परा और दिव्य उद्देश्य में निहित है।

शिव और शक्ति की ऊर्जाओं का प्रतीक यह विवाह, दो जीवात्माओं को धर्म, समृद्धि, प्रेम और मोक्ष के साझा मार्ग पर एक करता है।

हमारे प्रिय गुरुदेव, विश्वगुरु जी की कृपा से सम्पन्न यह समारोह, अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक शक्तिशाली मिश्रण था।


दम्पति ने सप्तपदी की रस्म पूरी की, जिसमें उन्होंने पवित्र अग्नि के चारों ओर सात पवित्र कदम उठाए—संतुलन और एकता के जीवन के लिए आशीर्वाद मांगते हुए।


इस उत्सव में उसी पवित्र स्थान पर हाल ही में विवाहित एक और दम्पति का भी स्वागत किया गया, जिससे समुदाय और एकजुटता की भावना और भी गहरी हुई।


दिन का समापन शिव मंदिर और पूज्य गुरुजी की समाधि के शांतिपूर्ण दर्शन के साथ हुआ—यह वास्तव में एक आनंदमय और अविस्मरणीय अनुभव था।

नव-दम्पति को उनकी आगे की पवित्र यात्रा के लिए शुभकामनाएँ। हरि ॐ

ओम आश्रम जाडन में आपका हार्दिक स्वागत है।
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