
दिव्य ज्योति: हमारे गुरुदेव द्वारा प्रदत्त क्रिसमस का पावन संदेश
हाल ही में ओम् आश्रम में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ क्रिसमस मनाया गया। यह पावन अवसर हमारे परम प्रिय गुरुदेव, परम पूज्य विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस श्री स्वामी महेश्वरानंद पुरी जी महाराज के दिव्य दर्शनों से अभिमंत्रित हुआ।

पूरा दिन उल्लास और आनंदमयी प्रतीक्षा से भरा था, जिसकी शुरुआत एक शांत और सुनहरी धूप वाली सुबह में गुरुदेव के साथ भ्रमण से हुई।



वातावरण में कुकीज़ की मधुर सुगंध घुली थी और भव्य रूप से सजाए गए क्रिसमस ट्री ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया।


संध्या काल में, हम सभी सत्संग के लिए एकत्रित हुए और श्रद्धापूर्वक मधुर भजनों व क्रिसमस कैरल्स का गायन किया।

हमारे प्रिय गुरुदेव और उनके उत्तराधिकारी, पूज्य अवतार पुरी जी महाराज ने अपना पावन आशीर्वाद प्रदान किया और समस्त भक्तों व विश्व भर के लोगों के लिए सुख-शांति की मंगल कामना की।

क्रिसमस प्रभु ईसा मसीह के प्राकट्य का उत्सव है, जो एक दिव्य अवतार हैं—वे उसी ईश्वरीय तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं जो महाप्रभुजी, श्रीकृष्ण और श्रीराम में समाहित है।

ये महान गुरु हमें मुक्ति की ओर ले जाने और हमारे संचित कर्मों के बंधन से मुक्त करने के लिए उस शाश्वत ज्योति को प्रकट करते हैं।

ईसा मसीह ने सार्वभौमिक प्रेम और क्षमा का मार्ग प्रशस्त किया, यहाँ तक कि उन्होंने उनके लिए भी प्रार्थना की जिन्होंने उनका विरोध किया था।

अपने जीवन के माध्यम से उन्होंने अपने शिष्यों के चरण पखारकर विनम्रता की पराकाष्ठा सिखाई और हमें मार्ग दिखाया कि कैसे दूसरों की सेवा के लिए अहंकार का त्याग किया जाता है।

योग और ध्यान का निरंतर अभ्यास हमें इन दिव्य शिक्षाओं को और अधिक गहराई से आत्मसात करने में सहायता करता है।

हमारे प्रिय गुरुदेव हमें सिखाते हैं कि एक सद्गुरु उस दर्पण के समान होते हैं जो सूर्य की प्रखर आभा को प्रतिबिंबित करते हैं।

जहाँ निराकार ईश्वर को सीधे देख पाना कठिन हो सकता है, वहीं गुरु उस दिव्य प्रकाश और प्रेम की ऊष्मा को हमारे जीवन के अंधकार में प्रतिबिंबित करते हैं ताकि हमारा आध्यात्मिक मार्ग सुगम और स्पष्ट हो सके।

क्रिसमस और महान गुरुओं की यह पावन ज्योति सदैव आपके हृदयों को आलोकित करती रहे।

आप सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएँ!





